Gallery

समाजशास्त्र विभाग द्वारा 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत जनकल्याण योजनाओं पर जागरूकता अभियान

प्रेस विज्ञप्ति
*जैन कन्या पाठशाला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मुजफ्फरनगर* *दिनांक: 6 अक्टूबर 2026* *समाजशास्त्र विभाग द्वारा 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत जनकल्याण योजनाओं पर जागरूकता अभियान एवं नुक्कड़ नाटक का भव्य आयोजन* जैन कन्या पाठशाला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मुजफ्फरनगर में आज दिनांक 6 अक्टूबर 2026 को समाजशास्त्र विभाग द्वारा *'विकसित भारत - सपनों का भारत 2047' के अंतर्गत चल रहे सेवा संकल्प अभियान* के तहत *जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हेतु जागरूकता अभियान का सफल एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजशास्त्र विभाग की छात्राओं ने अत्यंत उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया। छात्राओं ने जन-संवाद के माध्यम से आम जनमानस को केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे - *बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, स्वच्छ भारत मिशन और कौशल विकास योजना* के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। छात्राओं ने बताया कि इन योजनाओं का लाभ कैसे लिया जा सकता है और यह योजनाएँ किस प्रकार समाज के गरीब, वंचित और महिला वर्ग के जीवन में बदलाव ला रही हैं। *प्राचार्या प्रो. सीमा जैन ने किया उत्साहवर्धन* कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही महाविद्यालय की प्राचार्या *प्रो. सीमा जैन* ने छात्राओं के इस रचनात्मक प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि, "हमारा महाविद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं, संस्कार और सेवा भी देता है। शिक्षा का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होता है जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना भी राष्ट्र सेवा है और हमारी छात्राएँ इस सेवा की सच्ची वाहक हैं। विकसित भारत का सपना इन्हीं जागरूक बेटियों से पूरा होगा।" *प्रो. संतोष कुमारी के विचार* कार्यक्रम में प्रोफेसर *प्रो. संतोष कुमारी* ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि, "समाजशास्त्र का मूल उद्देश्य समाज में व्याप्त असमानता को दूर कर समता स्थापित करना है। सरकार अनेक योजनाएँ बनाती है, लेकिन जानकारी के अभाव में जरूरतमंद लोग उनसे वंचित रह जाते हैं। आज छात्राओं ने जो नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया है, वह समाज में जागरूकता की एक नई अलख जगाएगा।" समाजशास्त्र विभाग की डॉ. प्रियंका कपूर* ने कहा कि, "हमारा यह अभियान किताबी ज्ञान को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने का प्रयास है। छात्राओं ने जिस आत्मविश्वास और सरलता के साथ योजनाओं को समझाया है, वह प्रशंसनीय है। जब युवा पीढ़ी सामाजिक जिम्मेदारी को समझेगी, तभी 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बन सकेगा।" डॉ. छाया* ने अपने संबोधन में कहा कि, "जागरूकता ही बदलाव की पहली सीढ़ी है। अक्सर ग्रामीण महिलाओं और गरीब परिवारों को यह पता ही नहीं होता कि उनके लिए कौन सी योजनाएँ हैं। नुक्कड़ नाटक जैसे माध्यम से यह जानकारी सीधे लोगों के दिलों तक पहुँचती है। मैं सभी छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हूँ।" कार्यक्रम का संयुक्त रूप से सफल मंच संचालन *डॉ. प्रियंका कपूर एवं डॉ. छाया* द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. सोनाली सिंह,मिस इंनामा ज़ैदी ,श्रीमती वंदना वत्स का विशेष योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्रवक्तागण एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।